क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?
मेरा उत्तराखण्डी भै-बैणों, गढ़वळी बोलि की ईं वेबसाइड मा हम आप सभ्यों को स्वागत करद्या।
हमरि ईं वेबसाइड मा आप तैं हमरि गढ़वळी संस्कृति का बारा मा गढ़वळी गीत अर विडियो
अर गढ़वळी बोलि की वणमाला का बारा मा देखणु कू मिललु।
आज को वचन
यीशु ल ऊंमा बोलि, “चौकस रावा कि कुई तुम तैं नि भरमै द्यो।” भौत लोग मेरा नौं का अधिकार कैरी के आला अर ऐ के बुलला, मि मसीह छो अर भौत लुखुं तैं विश्वास बट्टी धोखा दींदिनि।