क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?
मेरा उत्तराखण्डी भै-बैणों, गढ़वळी बोलि की ईं वेबसाइड मा हम आप सभ्यों को स्वागत करद्या।
हमरि ईं वेबसाइड मा आप तैं हमरि गढ़वळी संस्कृति का बारा मा गढ़वळी गीत अर विडियो
अर गढ़वळी बोलि की वणमाला का बारा मा देखणु कू मिललु।
आज को वचन
अलकसी नि बणा; पर बड़ी मेहनत कन वलो का जन तुम तैं अंत तक धीरज अर विश्वास का दगड़ी आस रख के यु प्रेम का कामों तैं कन रा, कि पिता परमेश्वर का वादों तैं पै सका।