हिमालय

क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?  

हिमालय

मेरा उत्तराखण्डी भै-बैणों, गढ़वळी बोलि की ईं वेबसाइड मा हम आप सभ्यों को स्वागत करद्‍या।

हमरि ईं वेबसाइड मा आप तैं हमरि गढ़वळी संस्कृति का बारा मा गढ़वळी गीत अर विडियो

अर गढ़वळी बोलि की वणमाला का बारा मा देखणु कू मिललु।

ब्यो

आज को वचन

अर जु कै तैं, कै हैंका पर भंगार लगौंणौ कु कुई कारण हो, त एक हैंका कि सै ल्यावा, अर एक हैंका का अपराध माफ कैरा; जन प्रभु ल तुमारा अपराध माफ करिनी, उन ही तुम भि कैरा। अर सबसे जरूरी काम जु तुम तैं कन चयणु च उ यूं च कि एक दुसरा बट्टी प्रेम कैरी के तुम पूरा ढंग से कठ्ठा हवे जावा।

कुलुस्सियों 3:13
    Terms & Conditions
    Location

    Your encouragement is valuable to us

    Your stories help make websites like this possible.