हिमालय

क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?  

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ब्यो
गढ़वाली चित्र

आज को वचन

पिता परमेश्वर की आज्ञाओं तैं मांणा जन अच्छा बच्चा अपड़ा बुबा की आज्ञाओं तैं मणदींनि। ऊं बुरा कामों तैं नि कैरा जौं तैं तुम तब कने की इच्छा रखदा, जब तुम पिता परमेश्वर की सचै तैं नि जंणदा। पर अब तुम तैं हर काम मा जु तुम करदा पवित्र हूंण चयणु च, जन की पिता परमेश्वर पवित्र च जैल तुम तैं अपड़ा बच्चा हूंणु कु चुणि। किलैकि पिता परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “तुम तैं पवित्र हूंण चयणु च किलैकि मि पवित्र छो।”

1 पतरस 1:14
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