क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?
मेरा उत्तराखण्डी भै-बैणों, गढ़वळी बोलि की ईं वेबसाइड मा हम आप सभ्यों को स्वागत करद्या।
हमरि ईं वेबसाइड मा आप तैं हमरि गढ़वळी संस्कृति का बारा मा गढ़वळी गीत अर विडियो
अर गढ़वळी बोलि की वणमाला का बारा मा देखणु कू मिललु।
आज को वचन
“स्वर्ग कु राज्य कै पुंगड़ा मा छिप्यां धन का समान च जै तैं कै मनिख पै अर छिपै दींनि अर खुशी ल जै के अपड़ो सब कुछ बेचि दींनि अर वे पुंगड़ा तैं मोल ले लींनि।”