हिमालय

क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?  

हिमालय

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ब्यो
गढ़वाली चित्र

आज को वचन

हम जंणदा छा, कि जु लोग परमेश्वर बट्टी प्रेम रखदींनि, मतलब ऊंकु ही जु वेकी ही इच्छा का अनुसार चलदींनि जूं तैं वेको चुणयूं च, ऊं लुखुं कु पिता परमेश्वर सभि बातों कु भलै कु ही करद,

रोमियों 8:28
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