क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां? मेरा उत्तराखण्डी भै-बैणों, गढ़वळी बोलि की ईं वेबसाइड मा हम आप सभ्यों को स्वागत करद्या। हमरि ईं वेबसाइड मा आप तैं हमरि गढ़वळी संस्कृति का बारा मा गढ़वळी गीत अर विडियो अर गढ़वळी बोलि की वणमाला का बारा मा देखणु कू मिललु। आज को वचनमि तुम तैं शान्ति दींणु छौं, अपड़ी शान्ति तुम तैं दींणु छौं” यु उ शान्ति नि च जु दुनिया दे सकदु च; तुमारो मन परेशान नि हो अर न डैरो।यूहन्ना 14:27 प्रार्थना घौरों को इतिहास गढ़वाल को इतिहास पुराणा मन्दिरों को इतिहास मेरा कुछ ख़ास ख्याल Auto advance गढ़वाली गीत | गढ़वाली गीत Your browser doesn't support HTML5 audioAuto advanceTerms & Conditions Location जीवन को वचन मत्थी देखा अगनै देखा