हिमालय

क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?  

हिमालय

मेरा उत्तराखण्डी भै-बैणों, गढ़वळी बोलि की ईं वेबसाइड मा हम आप सभ्यों को स्वागत करद्‍या।

हमरि ईं वेबसाइड मा आप तैं हमरि गढ़वळी संस्कृति का बारा मा गढ़वळी गीत अर विडियो

अर गढ़वळी बोलि की वणमाला का बारा मा देखणु कू मिललु।

ब्यो
गढ़वाली चित्र

आज को वचन

इलै, हर प्रकार का बुरा बरतौ बट्टी छुटकारा पै। दूसरों तैं धोखा नि द्या, कपटी नि बणा। दूसरों बट्टी नि फुकया; दुसरा लुखुं का विरुद्ध बुरी बात नि बोला।

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